साहस के साथ अन्याय के ख़िलाफ़ खड़े होने वाले को “पुष्कर सिंह धामी कहते है”

by | Jan 9, 2026

आज अंकिता भंडारी बेटी को न्याय दिलाने की दिशा में लिया गया मुख्यमंत्री धामी के निर्णय पर यही कहना चाहता हूं कि धामी जी आपसे मेरी मित्रता को 26 साल से ज्यादा समय गुजर गया। युवा मोर्चा से लेकर आपके मुख्यमंत्री बनने तक के सफर को बहुत नजदीक से देख रहा हूं।

अंकिता भंडारी प्रकरण में भी इन दिनों जब मैंने आपसे इस संदर्भ में वार्ता की तो आपका भी सदेव यही कहना था कि इस प्रदेश का मुख्य सेवक होने के नाते आपको भी हर जनमुद्दों की चिंता होती है लेकिन कुछ निर्णय ऐसे होते हैं जिन्हें जांच परखकर कसौटी पर उतारा जाता है । त्वरित लिया गया कोई भी निर्णय ठीक नहीं होता।
आपने कहा था कि उमेश भाई अंकिता बेटी को न्याय दिलवाने की दिशा में जो भी ठोस निर्णय होगा लिया जायेगा ।

धामी जी। आज आपके इस निर्णय के लिए समस्त जनता की तरफ से भी आभार प्रकट करता हूं कि आपने सीबीआई जांच की संतुति करके अंकिता बेटी के न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। कुछ दिन पहले मैंने आपको सीबीआई जांच के लिए पत्र लिखा और दूरभाष पर संपर्क किया तो आपने मुझसे तब यही कहा था , उमेश भाई अंकिता की हत्या का बोझ मेरी भी आत्मा पर है और मैं भी चाहता हूँ की न्याय हो और जल्दी ही आपको ये अहसास हो जाएगा कि मैंने जो निर्णय लिया वो समय रहते ठीक लिया।

किसी भी प्रदेश में विषय बिंदुओं को लेकर उठापटक चलती रहती है। हमे तो ज्यादातर सिर्फ वही दिखता है जो हमारे प्रदेश में चल रहा है लेकिन सच तो ये भी है कि उत्तराखंड की बजाय अन्य प्रदेशों में भी कई मामले सामने आते हैं जिनपर समय पर कार्यवाहियां नहीं होती लेकिन उत्तराखंड के परिदृश्य में देखें तो आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद कई ऐसी कार्यवाहियां हुई जिनकी वजह से एक आम जन मानस का विश्वास आपके ऊपर कायम हुआ है।

प्रदेश के बेरोजगार वर्षों से भर्ती परीक्षाओं में सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे । आपने सही समय पर भर्ती परीक्षाओं में भी सीबीआई जांच करवाई।

इस बात में भी कोई संदेह नहीं है कि धामी जी धीर और गंभीर हैं इसीलिए उनके निर्णय भले ही कुछ देर से हों लेकिन निर्णय ठोस होते हैं। अंकिता भंडारी प्रकरण में भी तीन साल बाद अब एकबार फिर से न्याय की उम्मीद आपने जगाई है और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सीबीआई जांच की संतुति दी है। धामी जी , एक-एक दोषी को छोड़ना मत , इनका ऐसा इलाज करना कि इनकी रूह काँप जाये और बहन अंकिता को आत्मा को शांति मिले।
धामी जी सैल्यूट है आपको , आपकी पार्टी के इतने बड़े नेता का नाम आने के बाद भी आपने सीबीआई जांच देकर ये दिखा दिया कि चाहे बड़े नेता आपकी कुर्सी छीन लें लेकिन आप डरोगे नहीं बहन अंकिता को न्याय दिलाने से। आज एक बात कहना चाहूँगा यदि अब देश का नेतृत्व हटाने का प्रयास करेंगे या चंद नेता आपको हटाने की साज़िश करेंगे तो ये जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी। हो सकता बहन अंकित को न्याय दिलाने की जिस राह पर आप चले हो वहाँ बड़े-बड़े मगरमच्छ चाहेंगे कि आप मुख्यमंत्री के पद से हटा दिए जाओ , लेकिन सनद रहे उस दिन इस राज्य में क्रांति आएगी और इस से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ये राज्य उन वीरांगनाओं का है जिन्होंने ने राज्य आंदोलन में लाठिया ही नहीं खायी, रामपुर तिराहे अपने पर अपने सीने पर गोली भी खायी और अपनी अस्मिता तक दांव पर लगा दी । इस राज्य का बच्चा-बच्चा अंकिता को न्याय दिलाने से आपको किसी के द्वारा भी रोकने नहीं देगा। आप सही में इस उत्तराखंड की माटी के लाल हो।

धामी जी आपके द्वारा लिय गए इस निर्णय से बेटी अंकिता को निसंदेह न्याय मिलेगा और जिस दिन बेटी के न्याय का फैसला आयेगा स्वयं मै निर्दलैय विधायक , सट्टा विरोधी उमेश कुमार भी धाकड़ धामी जिंदाबाद के नारे लगाऊंगा। अंकिता को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश की सभी माताओं-बहनो, संगठनों , राजनैतिक दलों का संघर्ष के लिए दिल से आभार , और हाँ उनका भी जो रोटियाँ सेक रहे थे और आज भी सेकने में लगे है ।