मसूरी का महाभारत: गामा की चुनौती या गणेश जोशी की पकड़?

मसूरी का महाभारत: गामा की चुनौती या गणेश जोशी की पकड़?

मसूरी की सियासत: पूर्व मेयर गामा की दावेदारी बनाम गणेश जोशी का अनुभव मसूरी विधानसभा सीट पर चुनाव भले अभी दूर हों, लेकिन राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है। एक तरफ़ लगातार चार बार से विधायक और प्रदेश सरकार में प्रभावशाली कैबिनेट मंत्री गमेश जोशी हैं, तो दूसरी तरफ़ भाजपा के...

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उत्तराखंड के बीपीएड-एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों का दर्द: आखिर कब मिलेगी शारीरिक शिक्षकों को पहचान?

उत्तराखंड के बीपीएड-एमपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों का दर्द: आखिर कब मिलेगी शारीरिक शिक्षकों को पहचान?

उत्तराखंड में हजारों बीपीएड और एमपीएड प्रशिक्षित युवा वर्षों से रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उत्तराखंड बीपीएड बेरोजगार संगठन का कहना है कि यदि राज्य में शारीरिक शिक्षकों की आवश्यकता नहीं थी, तो आखिर इतने बीपीएड कॉलेज क्यों खोले गए और हर वर्ष हजारों विद्यार्थियों को...

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Controversy Creates Headlines, Legacy Creates History

Controversy Creates Headlines, Legacy Creates History

In the age of social media, some people mistake attention for achievement and controversy for credibility. The fastest way to grab headlines, they believe, is to attach themselves to a bigger name. But history has repeatedly shown that borrowed limelight never becomes...

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आईएएस अधिकारी पंकज पांडे, प्रशासन में सादगी, कार्यों में उत्कृष्टता।

आईएएस अधिकारी पंकज पांडे, प्रशासन में सादगी, कार्यों में उत्कृष्टता।

पंकज पांडे: सादगी, संवेदनशीलता और प्रशासनिक दक्षता का नाम उत्तराखंड की नौकरशाही में कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं जिनकी पहचान केवल उनके पद से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार, कार्यशैली और जनता के प्रति उनके दृष्टिकोण से बनती है। आईएएस पंकज पांडे ऐसे ही अधिकारियों में गिने जाते...

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वरुणा अग्रवाल: संवेदनशील प्रशासन की एक मिसाल

वरुणा अग्रवाल: संवेदनशील प्रशासन की एक मिसाल

वरुणा अग्रवाल केवल एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं, बल्कि उन अधिकारियों में से हैं जो सरकारी योजनाओं और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास करती हैं। टिहरी में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के रूप में उनकी कार्यशैली यह दर्शाती है कि प्रशासन केवल कार्यालयों में बैठकर...

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सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है

सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है

सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है आजकल राजनीति में एक नया चलन चल पड़ा है। किसी लोकप्रिय व्यक्ति को घेरो, कैमरा ऑन करो, उसे उकसाओ, फिर उसकी प्रतिक्रिया को पूरे घटनाक्रम का केंद्र बनाकर प्रस्तुत कर दो। इससे कुछ समय के लिए सुर्खियाँ तो मिल जाती हैं, लेकिन सच्चाई अक्सर पीछे...

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आईपीएस परमेंद्र डोभाल और मेरा टकराव

आईपीएस परमेंद्र डोभाल और मेरा टकराव

जीवन और सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि व्यक्ति अपने निजी अनुभवों और मतभेदों से ऊपर उठकर भी किसी की क्षमता और कार्यशैली का सम्मान कर सकता है। आईपीएस अधिकारी परमेंद्र डोभाल के साथ मेरा संबंध कभी बहुत सहज नहीं रहा। वर्ष 2010-11 के दौर में परिस्थितियाँ ऐसी...

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उत्तराखंड, सपनों का राज्य या घोटालों का प्रदेश ?

उत्तराखंड, सपनों का राज्य या घोटालों का प्रदेश ?

उत्तराखंड: 25 साल, नेता और भ्रष्टाचार का पहाड़ी महाकाव्य 9 नवंबर 2000 को जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब लोगों ने सोचा था कि अब पहाड़ का दर्द पहाड़ समझेगा, गांवों में विकास पहुंचेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। लेकिन 25 साल बाद उत्तराखंड की...

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ना पहाड़ जीतेगा , ना मैदान , हार गया तो सिर्फ उत्तराखंड हारेगा

ना पहाड़ जीतेगा , ना मैदान , हार गया तो सिर्फ उत्तराखंड हारेगा

नहीं है। लड़ाई बेरोजगारी से है।लड़ाई पलायन से है।लड़ाई शिक्षा और स्वास्थ्य से है।लड़ाई भ्रष्टाचार से है। लेकिन इन मुद्दों पर बात करने में मेहनत लगती है। पहाड़-मैदान पर बयान देने में सिर्फ माइक्रोफोन लगता है। इसलिए यह बहस कभी खत्म नहीं होती। एक और कहावत याद आती है— “जब...

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