by Umesh Kumar | Sep 21, 2026 | Blog, Umesh ki Kalam
हरीश रावत जी, टी-शर्ट का रंग बदला या राजनीति का ढंग?मंगलौर में बदलाव की बात करने पहुंचे हरदा, लेकिन पुराने रिश्तों और राजनीतिक विरासत पर भी उठ गए सवाल!हरीश रावत जी, आज आपकी टी-शर्ट का रंग देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ। अब यह रंग मौसम के हिसाब से बदला था, राजनीतिक मौसम के...
by Umesh Kumar | Sep 12, 2026 | Blog, Umesh ki Kalam
इस्तीफे की आड़ में सवालों से बचिए मत, रावत जी! हरीश रावत जी का बयान पढ़ा। कमाल का बयान है! उसमें ईष्ट देवता भी आ गए, राहुल गांधी भी आ गए, खंडूरी जी भी आ गए, RSS भी आ गया, CBI-ED भी आ गई और चुनाव भी आ गया… बस जो सबसे जरूरी था, उसका सीधा जवाब नहीं आया— ED जिस कैश, सोने...
by Umesh Kumar | Sep 11, 2026 | Umesh ki Kalam
विचारों से लड़िए, किसी के संघर्ष का मज़ाक मत उड़ाइए राजनीति में विरोध स्वाभाविक है।नीतियों पर सवाल उठाइए, भाषणों की आलोचना कीजिए, फैसलों को कठघरे में खड़ा कीजिए और चुनाव में जनता से उन्हें नकारने की अपील भी कीजिए। लेकिन क्या राजनीतिक विरोध का अर्थ यह है कि किसी...
by Umesh Kumar | Sep 4, 2026 | Umesh ki Kalam
9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड बना था। आंदोलनकारियों के सपनों में एक ऐसा छोटा राज्य था जहां सरकार जनता के करीब होगी, पहाड़ के गांव बचेंगे, नौजवान को रोजगार मिलेगा, प्राकृतिक संसाधनों पर प्रदेश का अधिकार होगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। लेकिन 25 वर्षों के बाद मुख्यमंत्री...
by Umesh Kumar | Sep 2, 2026 | Umesh ki Kalam
25 साल का उत्तराखंड: सरकारें बदलती रहीं, घोटालों के किरदार बदलते रहे… व्यवस्था नहीं बदली? उत्तराखंड आंदोलनकारियों ने शायद कभी कल्पना नहीं की होगी कि जिस राज्य के लिए उन्होंने लाठियां खाईं, गोलियां झेलीं और शहादत दी—एक दिन उसी राज्य में गरीब बच्चे की छात्रवृत्ति से...