by Umesh Kumar | Sep 1, 2026 | Umesh ki Kalam
25 साल बाद भी… आखिर किसके सपनों का उत्तराखंड बना? 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड बना था। उस दिन सिर्फ एक नया राज्य पैदा नहीं हुआ था, बल्कि पहाड़ के लाखों लोगों की आंखों में एक सपना पैदा हुआ था। सपना था कि अब हमारी सरकार हमारे दरवाजे तक पहुंचेगी। पहाड़ के नौजवान को रोजगार...
by Umesh Kumar | Aug 29, 2026 | Umesh ki Kalam
हरदा जी की “गरीबी” — बेटा करोड़पति, पिता बेचारा मकान के लिए कर्जदार! उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों एक नई किस्म की “गरीबी” चर्चा में है। ऐसी गरीबी जिसमें आदमी मुख्यमंत्री रह चुका हो, केंद्रीय मंत्री रह चुका हो, सांसद रह चुका हो, दशकों तक सत्ता और संगठन के सर्वोच्च...
by Umesh Kumar | Aug 28, 2026 | Umesh ki Kalam
भक्तों के लिए गोबर-गौमूत्र, अपने लिए डॉक्टर और विज्ञान! कमाल का दौर है साहब! मंच पर बैठकर ज्ञान दिया जाता है—बीमारी है? गौमूत्र अपनाओ।तकलीफ है? गोबर के गुण समझो।आधुनिक चिकित्सा? अरे, ये तो पश्चिम की देन है! लेकिन जैसे ही बीमारी खुद के दरवाज़े पर दस्तक देती है, अचानक...
by Umesh Kumar | Jul 29, 2026 | Umesh ki Kalam
खोदा पहाड़ निकली चुहिया कल तक सोशल मीडिया और कुछ समाचार माध्यमों में ऐसा माहौल बना दिया गया था मानो देहरादून के प्रेमनगर का पूरा पुल धराशायी हो गया हो। सुर्खियाँ थीं—“पुल गिर गया… सरकार फेल… मुख्यमंत्री जवाब दें…” लेकिन आज की यह तस्वीर उन सभी दावों से बड़ा जवाब है।...
by Umesh Kumar | Jul 29, 2026 | Umesh ki Kalam
केवल इस तस्वीर को देखकर किसी अधिकारी की मंशा, मुख्यमंत्री के प्रति सम्मान या यह निष्कर्ष निकालना कि “वही उत्तर प्रदेश चलाते हैं” या “मुख्यमंत्री को कुछ नहीं समझते”, कहना तथ्यात्मक रूप से सिद्ध नहीं किया जा सकता। बैठने की मुद्रा कई कारणों से हो सकती है और उससे किसी...