वरुणा अग्रवाल केवल एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं, बल्कि उन अधिकारियों में से हैं जो सरकारी योजनाओं और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास करती हैं। टिहरी में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के रूप में उनकी कार्यशैली यह दर्शाती है कि प्रशासन केवल कार्यालयों में बैठकर...
महिला सशक्तिकरण को सार्थक करती आईपीएस अधिकारी निहारिका
केदारघाटी की कमान संभालती एक सशक्त महिला अधिकारी: आईपीएस निहारिका तोमर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का नाम आते ही मन में बाबा केदार की पावन धरती, ऊँचे हिमालय और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का चित्र उभरता है। लेकिन इस आस्था और व्यवस्था को सुरक्षित रखना कोई आसान कार्य...
सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है
सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है आजकल राजनीति में एक नया चलन चल पड़ा है। किसी लोकप्रिय व्यक्ति को घेरो, कैमरा ऑन करो, उसे उकसाओ, फिर उसकी प्रतिक्रिया को पूरे घटनाक्रम का केंद्र बनाकर प्रस्तुत कर दो। इससे कुछ समय के लिए सुर्खियाँ तो मिल जाती हैं, लेकिन सच्चाई अक्सर पीछे...
आईपीएस परमेंद्र डोभाल और मेरा टकराव
जीवन और सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि व्यक्ति अपने निजी अनुभवों और मतभेदों से ऊपर उठकर भी किसी की क्षमता और कार्यशैली का सम्मान कर सकता है। आईपीएस अधिकारी परमेंद्र डोभाल के साथ मेरा संबंध कभी बहुत सहज नहीं रहा। वर्ष 2010-11 के दौर में परिस्थितियाँ ऐसी...
उत्तराखंड, सपनों का राज्य या घोटालों का प्रदेश ?
उत्तराखंड: 25 साल, नेता और भ्रष्टाचार का पहाड़ी महाकाव्य 9 नवंबर 2000 को जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब लोगों ने सोचा था कि अब पहाड़ का दर्द पहाड़ समझेगा, गांवों में विकास पहुंचेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। लेकिन 25 साल बाद उत्तराखंड की...
माँ की पेंशन की लाइन से वित्त मंत्री तक
माँ की पेंशन की लाइन से वित्त व्यवस्था तक छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की प्रेरक यात्राकुछ कहानियाँ किताबों में नहीं लिखी जातीं, वे लोगों के संघर्षों में लिखी जाती हैं।ऐसी ही एक कहानी है ओ.पी. चौधरी की।एक छोटा सा बच्चा, जो अपनी माँ को पेंशन के लिए सरकारी...
सौम्यता, सख्ती और सिस्टम यानी डीएम मयूर दीक्षित
प्रशासन में अक्सर दो तरह के अधिकारी दिखाई देते हैं — एक वे जो केवल कुर्सी संभालते हैं, और दूसरे वे जो व्यवस्था संभालते हैं। हरिद्वार के वर्तमान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को लेकर जिले में जो चर्चा सुनाई देती है, वह उन्हें दूसरी श्रेणी में खड़ा करती है। आईएएस अधिकारी मयूर...
देवभूमि या डीलभूमि ??
उत्तराखंड बना था सपनों का राज्य।पहाड़ों की सादगी, गंगा की पवित्रता और ईमानदार लोगों की मेहनत से एक नया भविष्य लिखने का सपना था।लेकिन जैसे ही राज्य बना, कुछ नेताओं और कुछ अफसरों ने इसे “देवभूमि” कम और “डीलभूमि” ज़्यादा समझ लिया।पहाड़ों में सड़क कम बनी, लेकिन फाइलों में...
उत्तराखंड, नौकरशाही और बंटाधार।
आज उत्तराखंड 26 साल का युवा प्रदेश है लेकिन बड़े अफसोस के साथ लिखना पड़ रहा है कि उत्तराखंड जवान तो हो गया है । इसका शरीर बड़ा हो रहा है लेकिन पोलियो से ग्रस्त इसके पैर ब्यूरोक्रेसी की व्हीलचेयर पर उसी दिन से आ गए जब हमारे नेताओं ने ब्यूरोक्रेसी के सामने घुटने टेक...
उत्तराखंड, गणेश, राजनीति और पौराणिक कथाएं।
उत्तराखंड की राजनीति में समय समय पर पौराणिक लोक कथाओं से मिलते जुलते उदाहरण सामने आते रहते हैं। हालिया प्रकरण भी बड़ा ही दिलचस्प है। कांग्रेस के गणेश को घेरने के लिए एक चक्रव्यू का पर्दाफाश हुआ है। जिसमें षड्यंत्रकारी असुरों के नाम सामने आ रहे हैं।भगवान गणेश जी महाराज...










