हेलीकॉप्टर हादसों पर सरकार की सख्ती या अपनी नाकामियों से ध्यान हटाने की कोशिश? आखिर हर बार बलि का बकरा ऑपरेटर्स ही क्यों? दो पायलट बैठाने से क्या दुर्घटनाएँ रुक जाएँगी? मौसम रडार, सुरक्षित हेलिपैड और हवाई निगरानी की जिम्मेदारी कौन लेगा? उत्तराखंड में एक और दर्दनाक...
हरीश रावत कांग्रेस की आफ़त
जनाधार कितना बड़ा? हरीश रावत के चुनावी रिकॉर्ड की पड़ताल उत्तराखंड की राजनीति में हरीश रावत का नाम निस्संदेह लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेताओं में आता है। वे कई बार सांसद रहे, केंद्रीय मंत्री रहे और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी बने। लेकिन राजनीति में “जनाधार” को परखने का...
हरीश रावत जी टी-शर्ट का रंग बदला है या राजनीतिकरण कासगंज
हरीश रावत जी, टी-शर्ट का रंग बदला या राजनीति का ढंग?मंगलौर में बदलाव की बात करने पहुंचे हरदा, लेकिन पुराने रिश्तों और राजनीतिक विरासत पर भी उठ गए सवाल!हरीश रावत जी, आज आपकी टी-शर्ट का रंग देखकर बड़ा आश्चर्य हुआ। अब यह रंग मौसम के हिसाब से बदला था, राजनीतिक मौसम के...
रावत जी, इस्तीफा नहीं… हिसाब दीजिए! OMR में युवाओं का भविष्य था या किसी और का कारोबार?
इस्तीफे की आड़ में सवालों से बचिए मत, रावत जी! हरीश रावत जी का बयान पढ़ा। कमाल का बयान है! उसमें ईष्ट देवता भी आ गए, राहुल गांधी भी आ गए, खंडूरी जी भी आ गए, RSS भी आ गया, CBI-ED भी आ गई और चुनाव भी आ गया… बस जो सबसे जरूरी था, उसका सीधा जवाब नहीं आया— ED जिस कैश, सोने...
वरुणा अग्रवाल: संवेदनशील प्रशासन की एक मिसाल
वरुणा अग्रवाल केवल एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं हैं, बल्कि उन अधिकारियों में से हैं जो सरकारी योजनाओं और आम जनता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास करती हैं। टिहरी में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के रूप में उनकी कार्यशैली यह दर्शाती है कि प्रशासन केवल कार्यालयों में बैठकर...
महिला सशक्तिकरण को सार्थक करती आईपीएस अधिकारी निहारिका
केदारघाटी की कमान संभालती एक सशक्त महिला अधिकारी: आईपीएस निहारिका तोमर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का नाम आते ही मन में बाबा केदार की पावन धरती, ऊँचे हिमालय और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का चित्र उभरता है। लेकिन इस आस्था और व्यवस्था को सुरक्षित रखना कोई आसान कार्य...
सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है
सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है आजकल राजनीति में एक नया चलन चल पड़ा है। किसी लोकप्रिय व्यक्ति को घेरो, कैमरा ऑन करो, उसे उकसाओ, फिर उसकी प्रतिक्रिया को पूरे घटनाक्रम का केंद्र बनाकर प्रस्तुत कर दो। इससे कुछ समय के लिए सुर्खियाँ तो मिल जाती हैं, लेकिन सच्चाई अक्सर पीछे...
आईपीएस परमेंद्र डोभाल और मेरा टकराव
जीवन और सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि व्यक्ति अपने निजी अनुभवों और मतभेदों से ऊपर उठकर भी किसी की क्षमता और कार्यशैली का सम्मान कर सकता है। आईपीएस अधिकारी परमेंद्र डोभाल के साथ मेरा संबंध कभी बहुत सहज नहीं रहा। वर्ष 2010-11 के दौर में परिस्थितियाँ ऐसी...
उत्तराखंड, सपनों का राज्य या घोटालों का प्रदेश ?
उत्तराखंड: 25 साल, नेता और भ्रष्टाचार का पहाड़ी महाकाव्य 9 नवंबर 2000 को जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब लोगों ने सोचा था कि अब पहाड़ का दर्द पहाड़ समझेगा, गांवों में विकास पहुंचेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। लेकिन 25 साल बाद उत्तराखंड की...
माँ की पेंशन की लाइन से वित्त मंत्री तक
माँ की पेंशन की लाइन से वित्त व्यवस्था तक छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की प्रेरक यात्राकुछ कहानियाँ किताबों में नहीं लिखी जातीं, वे लोगों के संघर्षों में लिखी जाती हैं।ऐसी ही एक कहानी है ओ.पी. चौधरी की।एक छोटा सा बच्चा, जो अपनी माँ को पेंशन के लिए सरकारी...










