महिला सशक्तिकरण को सार्थक करती आईपीएस अधिकारी निहारिका

by | Jun 11, 2026

केदारघाटी की कमान संभालती एक सशक्त महिला अधिकारी: आईपीएस निहारिका तोमर

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले का नाम आते ही मन में बाबा केदार की पावन धरती, ऊँचे हिमालय और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का चित्र उभरता है। लेकिन इस आस्था और व्यवस्था को सुरक्षित रखना कोई आसान कार्य नहीं। इसी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी को अपने कंधों पर मजबूती से संभाल रही हैं निहारिका तोमर, जो वर्तमान में रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक (एसपी) हैं।

निहारिका तोमर उन युवा आईपीएस अधिकारियों में गिनी जाती हैं जिन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता के बल पर कम समय में अपनी अलग पहचान बनाई है। फरवरी 2026 में उन्हें रुद्रप्रयाग जिले की कमान सौंपी गई, जो उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण जिलों में से एक माना जाता है। चारधाम यात्रा, केदारनाथ धाम की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और कानून-व्यवस्था जैसी अनेक चुनौतियाँ उनके सामने रहती हैं।

चारधाम यात्रा के दौरान जब लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुँचते हैं, तब पुलिस व्यवस्था की असली परीक्षा होती है। निहारिका तोमर ने केवल कार्यालय में बैठकर निर्देश देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने पैदल केदारनाथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर जमीनी हालात का आकलन किया। गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ बेस कैंप तक उन्होंने सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा की तथा पुलिस कर्मियों को श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

उनकी कार्यशैली का एक और महत्वपूर्ण पक्ष साइबर अपराधों के खिलाफ सख्ती है। केदारनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर हो रहे ऑनलाइन ठगी के मामलों में उन्होंने सक्रिय कार्रवाई करते हुए फर्जी वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर शिकंजा कसने का अभियान चलाया, जिससे हजारों श्रद्धालुओं को ठगी का शिकार होने से बचाया जा सका।

निहारिका तोमर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे केवल एक प्रशासनिक अधिकारी नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और सक्रिय नेतृत्वकर्ता के रूप में भी सामने आती हैं। चाहे यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं से सीधे संवाद करना हो, पुलिस जवानों का मनोबल बढ़ाना हो या किसी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लेना हो, वे हर मोर्चे पर अग्रिम पंक्ति में दिखाई देती हैं।

आज जब समाज में महिला नेतृत्व की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है, तब निहारिका तोमर जैसी अधिकारी यह साबित करती हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर किसी भी चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। केदारघाटी की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने यह संदेश दिया है कि वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और विश्वास का भी प्रतीक है।

रुद्रप्रयाग की जनता और बाबा केदार के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए निहारिका तोमर केवल एक एसपी नहीं, बल्कि सुरक्षा और भरोसे का दूसरा नाम बनती जा रही हैं।