हरीश रावत जी के नाम खुला पत्र। आज आपकी बड़ी मार्मिक पोस्ट देखी, ऐसा समय भगवान किसी को ना दिखाए। आपने कहा आपके पिता के कारण के लिए आपकी माता जी आपका हाथ पकड़कर इधर-उधर गई तब इंतज़ाम हुआ।ईश्वर आपको पिता जी की आत्मा को शांति दे । आपके पिता जी की आत्मा आज बड़ी प्रधान होती...
जेबकतरों के सरग़ना बस कुछ बातों का जवाब दे देना।
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