सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है

सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है

सुबोध उनियाल होना आसान नहीं है आजकल राजनीति में एक नया चलन चल पड़ा है। किसी लोकप्रिय व्यक्ति को घेरो, कैमरा ऑन करो, उसे उकसाओ, फिर उसकी प्रतिक्रिया को पूरे घटनाक्रम का केंद्र बनाकर प्रस्तुत कर दो। इससे कुछ समय के लिए सुर्खियाँ तो मिल जाती हैं, लेकिन सच्चाई अक्सर पीछे...

read more
आईपीएस परमेंद्र डोभाल और मेरा टकराव

आईपीएस परमेंद्र डोभाल और मेरा टकराव

जीवन और सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि व्यक्ति अपने निजी अनुभवों और मतभेदों से ऊपर उठकर भी किसी की क्षमता और कार्यशैली का सम्मान कर सकता है। आईपीएस अधिकारी परमेंद्र डोभाल के साथ मेरा संबंध कभी बहुत सहज नहीं रहा। वर्ष 2010-11 के दौर में परिस्थितियाँ ऐसी...

read more
उत्तराखंड, सपनों का राज्य या घोटालों का प्रदेश ?

उत्तराखंड, सपनों का राज्य या घोटालों का प्रदेश ?

उत्तराखंड: 25 साल, नेता और भ्रष्टाचार का पहाड़ी महाकाव्य 9 नवंबर 2000 को जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब लोगों ने सोचा था कि अब पहाड़ का दर्द पहाड़ समझेगा, गांवों में विकास पहुंचेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। लेकिन 25 साल बाद उत्तराखंड की...

read more
ना पहाड़ जीतेगा , ना मैदान , हार गया तो सिर्फ उत्तराखंड हारेगा

ना पहाड़ जीतेगा , ना मैदान , हार गया तो सिर्फ उत्तराखंड हारेगा

नहीं है। लड़ाई बेरोजगारी से है।लड़ाई पलायन से है।लड़ाई शिक्षा और स्वास्थ्य से है।लड़ाई भ्रष्टाचार से है। लेकिन इन मुद्दों पर बात करने में मेहनत लगती है। पहाड़-मैदान पर बयान देने में सिर्फ माइक्रोफोन लगता है। इसलिए यह बहस कभी खत्म नहीं होती। एक और कहावत याद आती है— “जब...

read more
उत्तराखंड के नेता जबान को लगाम दें कृपया

उत्तराखंड के नेता जबान को लगाम दें कृपया

राजनीति में बयान देना कोई नई बात नहीं है। नेता बोलते हैं, जनता सुनती है, मीडिया चलाता है और सोशल मीडिया उस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियां देता है, लेकिन कुछ बयान ऐसे होते हैं जो केवल राजनीतिक नहीं रहते, बल्कि पूरे प्रदेश की छवि पर असर डालते हैं। हाल ही में उत्तराखंड के...

read more
उत्तराखंड कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट भाजपा नहीं, कांग्रेस खुद है

उत्तराखंड कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा संकट भाजपा नहीं, कांग्रेस खुद है

उत्तराखंड की राजनीति में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा सच यदि कोई है, तो वह यह है कि कांग्रेस लगातार सत्ता से दूर रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कांग्रेस को हर बार भाजपा हरा रही है, या कांग्रेस खुद को हरा रही है? राजनीति में एक पुरानी कहावत है— “घर में ही चूल्हा ठंडा...

read more
सौम्यता, सख्ती और सिस्टम यानी डीएम मयूर दीक्षित

सौम्यता, सख्ती और सिस्टम यानी डीएम मयूर दीक्षित

प्रशासन में अक्सर दो तरह के अधिकारी दिखाई देते हैं — एक वे जो केवल कुर्सी संभालते हैं, और दूसरे वे जो व्यवस्था संभालते हैं। हरिद्वार के वर्तमान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को लेकर जिले में जो चर्चा सुनाई देती है, वह उन्हें दूसरी श्रेणी में खड़ा करती है। आईएएस अधिकारी मयूर...

read more
“धामी हटेंगे” वालों का अब BP शुगर हाई है!

“धामी हटेंगे” वालों का अब BP शुगर हाई है!

उत्तराखंड की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा “मानसिक तनाव” अगर किसी को है, तो वो विपक्ष को नहीं…बल्कि उन नेताओं को है जिन्होंने पिछले दो साल सिर्फ एक ही साधना की “धामी हटेंगे… धामी हटेंगे…” 😄 लेकिन राजनीति भी बड़ी क्रूर गुरुमाता है साहब…यहाँ कई लोग “आम के आम, गुठलियों के...

read more
देवभूमि या डीलभूमि ??

देवभूमि या डीलभूमि ??

उत्तराखंड बना था सपनों का राज्य।पहाड़ों की सादगी, गंगा की पवित्रता और ईमानदार लोगों की मेहनत से एक नया भविष्य लिखने का सपना था।लेकिन जैसे ही राज्य बना, कुछ नेताओं और कुछ अफसरों ने इसे “देवभूमि” कम और “डीलभूमि” ज़्यादा समझ लिया।पहाड़ों में सड़क कम बनी, लेकिन फाइलों में...

read more
उत्तराखंड की राजनीति और शिखंडी।

उत्तराखंड की राजनीति और शिखंडी।

महाभारत के युद्ध में शिखंडी की भूमिका तो आप सबको ज्ञात ही होगी। किसी की ढाल बनकर ,वार करने का शिखंडी सबसे बड़ा उदाहरण है।शिखंडीयो से वीर योद्धा न कभी लड़े थे ,न कभी लड़ेंगे। क्योंकि उनका स्तर वो नहीं है। योद्धाओं को वीरगति प्राप्त होना मंजूर होता है पर शिखंडीयों से...

read more