by Umesh Kumar | Jun 7, 2026 | Blog, Umesh ki Kalam
उत्तराखंड: 25 साल, नेता और भ्रष्टाचार का पहाड़ी महाकाव्य 9 नवंबर 2000 को जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब लोगों ने सोचा था कि अब पहाड़ का दर्द पहाड़ समझेगा, गांवों में विकास पहुंचेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। लेकिन 25 साल बाद उत्तराखंड की...
by Umesh Kumar | Jun 6, 2026 | Blog
माँ की पेंशन की लाइन से वित्त व्यवस्था तक छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की प्रेरक यात्राकुछ कहानियाँ किताबों में नहीं लिखी जातीं, वे लोगों के संघर्षों में लिखी जाती हैं।ऐसी ही एक कहानी है ओ.पी. चौधरी की।एक छोटा सा बच्चा, जो अपनी माँ को पेंशन के लिए सरकारी...
by Umesh Kumar | Jun 5, 2026 | Umesh ki Kalam
नहीं है। लड़ाई बेरोजगारी से है।लड़ाई पलायन से है।लड़ाई शिक्षा और स्वास्थ्य से है।लड़ाई भ्रष्टाचार से है। लेकिन इन मुद्दों पर बात करने में मेहनत लगती है। पहाड़-मैदान पर बयान देने में सिर्फ माइक्रोफोन लगता है। इसलिए यह बहस कभी खत्म नहीं होती। एक और कहावत याद आती है— “जब...
by Umesh Kumar | Jun 4, 2026 | Umesh ki Kalam
राजनीति में बयान देना कोई नई बात नहीं है। नेता बोलते हैं, जनता सुनती है, मीडिया चलाता है और सोशल मीडिया उस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियां देता है, लेकिन कुछ बयान ऐसे होते हैं जो केवल राजनीतिक नहीं रहते, बल्कि पूरे प्रदेश की छवि पर असर डालते हैं। हाल ही में उत्तराखंड के...
by Umesh Kumar | May 31, 2026 | Umesh ki Kalam
उत्तराखंड की राजनीति में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा सच यदि कोई है, तो वह यह है कि कांग्रेस लगातार सत्ता से दूर रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कांग्रेस को हर बार भाजपा हरा रही है, या कांग्रेस खुद को हरा रही है? राजनीति में एक पुरानी कहावत है— “घर में ही चूल्हा ठंडा...