by Umesh Kumar | Jun 4, 2026 | Umesh ki Kalam
राजनीति में बयान देना कोई नई बात नहीं है। नेता बोलते हैं, जनता सुनती है, मीडिया चलाता है और सोशल मीडिया उस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियां देता है, लेकिन कुछ बयान ऐसे होते हैं जो केवल राजनीतिक नहीं रहते, बल्कि पूरे प्रदेश की छवि पर असर डालते हैं। हाल ही में उत्तराखंड के...
by Umesh Kumar | May 31, 2026 | Umesh ki Kalam
उत्तराखंड की राजनीति में पिछले एक दशक का सबसे बड़ा सच यदि कोई है, तो वह यह है कि कांग्रेस लगातार सत्ता से दूर रही है। लेकिन सवाल यह है कि क्या कांग्रेस को हर बार भाजपा हरा रही है, या कांग्रेस खुद को हरा रही है? राजनीति में एक पुरानी कहावत है— “घर में ही चूल्हा ठंडा...
by Umesh Kumar | May 31, 2026 | Blog, Umesh ki Kalam
प्रशासन में अक्सर दो तरह के अधिकारी दिखाई देते हैं — एक वे जो केवल कुर्सी संभालते हैं, और दूसरे वे जो व्यवस्था संभालते हैं। हरिद्वार के वर्तमान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित को लेकर जिले में जो चर्चा सुनाई देती है, वह उन्हें दूसरी श्रेणी में खड़ा करती है। आईएएस अधिकारी मयूर...
by Umesh Kumar | May 23, 2026 | Umesh ki Kalam
उत्तराखंड की राजनीति में इस समय सबसे बड़ा “मानसिक तनाव” अगर किसी को है, तो वो विपक्ष को नहीं…बल्कि उन नेताओं को है जिन्होंने पिछले दो साल सिर्फ एक ही साधना की “धामी हटेंगे… धामी हटेंगे…” 😄 लेकिन राजनीति भी बड़ी क्रूर गुरुमाता है साहब…यहाँ कई लोग “आम के आम, गुठलियों के...
by Umesh Kumar | May 21, 2026 | Blog, Umesh ki Kalam
उत्तराखंड बना था सपनों का राज्य।पहाड़ों की सादगी, गंगा की पवित्रता और ईमानदार लोगों की मेहनत से एक नया भविष्य लिखने का सपना था।लेकिन जैसे ही राज्य बना, कुछ नेताओं और कुछ अफसरों ने इसे “देवभूमि” कम और “डीलभूमि” ज़्यादा समझ लिया।पहाड़ों में सड़क कम बनी, लेकिन फाइलों में...