by Umesh Kumar | Jun 8, 2026 | Blog, Umesh ki Kalam
जीवन और सार्वजनिक जीवन की सबसे बड़ी खूबसूरती यही है कि व्यक्ति अपने निजी अनुभवों और मतभेदों से ऊपर उठकर भी किसी की क्षमता और कार्यशैली का सम्मान कर सकता है। आईपीएस अधिकारी परमेंद्र डोभाल के साथ मेरा संबंध कभी बहुत सहज नहीं रहा। वर्ष 2010-11 के दौर में परिस्थितियाँ ऐसी...
by Umesh Kumar | Jun 8, 2026 | Video
जब कानून का रक्षक ही कानून तोड़ता दिखे, तो सवाल उठेंगे ही देहरादून के एक पॉलीटेक्निक संस्थान का वीडियो इन दिनों चर्चा में है। वीडियो में जो दिखाई दे रहा है, उसने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक दरोगा का बेटा उसी संस्थान में पढ़ता है और नकल को लेकर हुए...
by Umesh Kumar | Jun 7, 2026 | Blog, Umesh ki Kalam
उत्तराखंड: 25 साल, नेता और भ्रष्टाचार का पहाड़ी महाकाव्य 9 नवंबर 2000 को जब उत्तराखंड राज्य बना था, तब लोगों ने सोचा था कि अब पहाड़ का दर्द पहाड़ समझेगा, गांवों में विकास पहुंचेगा, युवाओं को रोजगार मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। लेकिन 25 साल बाद उत्तराखंड की...
by Umesh Kumar | Jun 6, 2026 | Blog
माँ की पेंशन की लाइन से वित्त व्यवस्था तक छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी की प्रेरक यात्राकुछ कहानियाँ किताबों में नहीं लिखी जातीं, वे लोगों के संघर्षों में लिखी जाती हैं।ऐसी ही एक कहानी है ओ.पी. चौधरी की।एक छोटा सा बच्चा, जो अपनी माँ को पेंशन के लिए सरकारी...
by Umesh Kumar | Jun 5, 2026 | Umesh ki Kalam
नहीं है। लड़ाई बेरोजगारी से है।लड़ाई पलायन से है।लड़ाई शिक्षा और स्वास्थ्य से है।लड़ाई भ्रष्टाचार से है। लेकिन इन मुद्दों पर बात करने में मेहनत लगती है। पहाड़-मैदान पर बयान देने में सिर्फ माइक्रोफोन लगता है। इसलिए यह बहस कभी खत्म नहीं होती। एक और कहावत याद आती है— “जब...